पटना में युवक को गेम खेलने से रोका तो की खुदकुशी, फांसी लगाकर दी जान

पटना। अगमकुआं इलाके में एक दुखद घटना सामने आई, जहां एक युवक ने पबजी गेम खेलने से रोके जाने पर आत्महत्या कर ली। युवक का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला, जिससे पूरे परिवार और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान विकास कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और कुछ समय पहले तक दिल्ली में काम करता था। हाल ही में वह अपने घर लौटा था और अपनी पत्नी के साथ पटना के खेमनीचक इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। परिजनों के अनुसार, विकास को पबजी खेलने का बहुत शौक था और इसी आदत को लेकर उसका अपनी पत्नी से अक्सर विवाद होता था। परिवार वालों का कहना है कि विकास पहले भी आत्महत्या करने की धमकी दे चुका था, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह वास्तव में ऐसा कदम उठा लेगा। घटना के समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी, क्योंकि वह चैती छठ के अवसर पर अपने मायके गई हुई थी। गुरुवार को जब घर के लोगों ने विकास को काफी देर तक नहीं देखा तो वे चिंतित हो गए। जब उन्होंने उसके कमरे का दरवाजा खोला, तो देखा कि विकास का शव पंखे से लटका हुआ था। यह देखकर घर में कोहराम मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद अगमकुआं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मृतक के परिजनों से पूछताछ की और यह पता चला कि पबजी गेम को लेकर हुए विवाद के कारण विकास मानसिक रूप से परेशान था। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर संदेश देती है कि मोबाइल गेमिंग की लत कितनी घातक हो सकती है। कई बार युवा इस आभासी दुनिया में इतने उलझ जाते हैं कि वे अपनी वास्तविक जिम्मेदारियों को भूल जाते हैं। पबजी जैसे ऑनलाइन गेम्स के कारण कई जगहों से हिंसा और आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि माता-पिता और परिवार के सदस्यों को अपने बच्चों और युवा सदस्यों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। उन्हें मोबाइल गेम्स से ज्यादा सामाजिक जीवन और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इस घटना से यह भी सीख मिलती है कि मानसिक तनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति बार-बार आत्महत्या की धमकी देता है या मानसिक रूप से परेशान दिखता है, तो उसे तुरंत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। परिवार और दोस्तों को चाहिए कि वे ऐसे लोगों से संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें। विकास की आत्महत्या से उसका परिवार गहरे सदमे में है। उसकी पत्नी, जो इस घटना के समय मायके गई हुई थी, को जब इसकी सूचना मिली, तो वह बदहवास हो गई। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि ऑनलाइन गेमिंग की लत कितनी घातक हो सकती है और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी किस तरह से जीवन को तबाह कर सकती है।

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