अररिया में दहेज के लिए महिला की हत्या, धारदार हथियार से मार डाला, पति समेत चार गिरफ्तार

अररिया। बिहार के अररिया जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां दहेज की मांग पूरी न होने पर एक 18 वर्षीय महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह घटना गुरुवार देर रात घटी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका की मां अफसाना की शिकायत पर पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मृतका का पति, सास, ससुर और ननद शामिल हैं।
दहेज की मांग और प्रताड़ना
मृतका की मां ने बैरगाछी थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार वाले उस पर तरह-तरह का मानसिक और शारीरिक दबाव बना रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 2 अप्रैल को उनके दामाद दीदार, ससुर आरिफ, सास शौकत बीबी और ननद नगमा ने मिलकर उनकी बेटी की हत्या की साजिश रची और उसे धारदार हथियार से गला रेतकर मार डाला।
हत्या के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली, बैरगाछी थाना अध्यक्ष कुमारी जूली के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और मौके पर पहुंच कर तुरंत जांच शुरू की गई। फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, जिसने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जिससे मौत के कारणों की पुष्टि हो सके।
साक्ष्य और गिरफ्तारी
पुलिस ने पति दीदार की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। इसके साथ ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
स्थानीय जनता में आक्रोश, लेकिन भरोसा कायम
इस घटना से स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है, लेकिन पुलिस की तेज़ कार्रवाई ने उन्हें थोड़ी राहत दी है। लोगों को उम्मीद है कि न्याय मिलेगा और समाज में दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ एक कड़ा संदेश जाएगा। प्रशासन ने मामले की पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई आज भी हमारे समाज में कितनी गहराई से जड़ें जमाए हुए है। जरूरत है कि समाज एकजुट होकर ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज़ उठाए और महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दे।
