महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर अभी कोई बात नही, चुनाव में जनता के मुद्दों पर फोकस कर रही कांग्रेस: कृष्णा अल्लावरू

पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अपनी रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी फिलहाल जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने स्पष्ट किया है कि पार्टी संगठन विस्तार और जनता के मुद्दों पर काम कर रही है।
राहुल गांधी की बैठक और जिलाध्यक्षों की भागीदारी
बिहार कांग्रेस के हाल ही में चुने गए 40 जिलाध्यक्ष 4 अप्रैल को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें संगठन को मजबूत करने, पार्टी विस्तार और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इससे पहले, जिलाध्यक्षों को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में एकत्रित किया गया, जहां पार्टी प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वक्फ बिल पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है और बिहार में भी पार्टी इसी रुख पर कायम है।
संगठन विस्तार और जिलाध्यक्षों की भूमिका
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्टी बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है और ‘इंडिया’ गठबंधन को एक बड़ी ताकत के रूप में उभरने के लिए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। इस बैठक में कांग्रेस नेतृत्व सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल गांधी को एक प्रेजेंटेशन भी देगा। इसमें बताया जाएगा कि कैसे नए जिलाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करेंगे और बूथ स्तर तक मतदाताओं को कांग्रेस से जोड़ने का कार्य करेंगे। इसके बाद सभी जिलाध्यक्षों को अपने जिले और बूथ स्तर पर कमेटियां तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
40 जिलाध्यक्षों की नई सूची और सामाजिक संतुलन
मंगलवार देर रात कांग्रेस ने बिहार में अपने 40 जिलाध्यक्षों की सूची जारी की थी। इनमें 21 नए चेहरों को जगह दी गई है, जबकि 19 जिलाध्यक्षों को दोबारा मौका दिया गया है। जातीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से 14 जिलाध्यक्ष सवर्ण समुदाय से चुने गए हैं, जबकि 5 दलित, 6 मुस्लिम और एक महिला को भी जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस संगठन इन जिलाध्यक्षों को अधिक अधिकार देने की योजना बना रही है, जिससे वे केवल पार्टी कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने तक सीमित न रहें, बल्कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाएं। आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण और उम्मीदवारों के चयन में भी जिलाध्यक्षों की अहम भूमिका होगी।
स्क्रीनिंग कमेटी का गठन और भविष्य की तैयारियां
कुछ दिन पहले ही बिहार कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया था, जिसका संयोजक प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार को बनाया गया है। इस कमेटी में विधायक दल के नेता शकील अहमद खान और विधान परिषद दल के नेता मदन मोहन झा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के तीन प्रभारी सचिव – देवेंद्र यादव, शाहनवाज आलम और सुशील कुमार पासी को भी कमेटी में जगह दी गई है। इस कमेटी का उद्देश्य जिला और प्रखंड स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाना है। पार्टी इस फेरबदल के जरिए आगामी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की रणनीति बना रही है। जिलाध्यक्षों को अधिक शक्तियां देकर पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी के लिए समर्थन जुटाएं और चुनाव में कांग्रेस को मजबूती प्रदान करें।
महागठबंधन में सीट बंटवारे पर कोई निर्णय नहीं
बिहार कांग्रेस फिलहाल महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर चर्चा नहीं कर रही है। कृष्णा अल्लावरू ने कहा कि जब बातचीत शुरू होगी तो इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। फिलहाल पार्टी जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और संगठन विस्तार में लगी हुई है। कांग्रेस का मानना है कि अगर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए, तो गठबंधन में उसकी स्थिति भी बेहतर होगी। कुल मिलाकर, बिहार कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़ने के प्रयासों में जुटी हुई है। जिलाध्यक्षों को नई जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, जिससे वे पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत कर सकें। साथ ही, गठबंधन में सीटों के बंटवारे से पहले पार्टी अपनी स्थिति को और प्रभावशाली बनाने की कोशिश कर रही है।

You may have missed