डीएसपी के योगदान लेते ही दलाल हुए दूर, भू-माफियाओं को कर दिया ठंडा,दलालों के खिलाफ कार्रवाई

  • कार्यालय द्वार पर चस्पा हैं बड़े- बड़े अक्षरों में दलाल प्रवृत्ति के लोग रहें दूर , पटना पुलिस आपके लिए तत्पर
  • एक वर्ष में भू- माफियाओं के खिलाफ डेढ़ सौ केस चार्जशीट
  • पुलिस डिपार्टमेंट को दलालों के चंगुल से बचाने के लिए डीजीपी के द्वारा जारी पत्र.. डीएसपी 2 लॉ एंड ऑर्डर की मुहिम जारी..

पटना (बन बिहारी)।  बिहार के लगभग अधिकांश पुलिस थानों में दलालों का कब्ज़ा है। थाना में दलालों से निजात दिलाने के लिए बिहार पुलिस के डीजीपी ने पत्र जारी करके थाने में आने वाले आगंतुकों को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बिहार पुलिस के डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस थानों में दलालों पर अंकुश लगाने के लिए ने एक आदेश जारी करते हुए सभी थानों में सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।राजधानी पटना में डीजीपी विनय कुमार के द्वारा दलालों पर अंकुश लगाए जाने को लेकर पत्र जारी किए जाने के पूर्व से ही पटना में पदस्थापित एक डीएसपी के द्वारा अपने पदस्थापना के आरंभ से ही अपने ऑफिस के गेट के बाहर पोस्टर लगाकर दलालों को ना आने देने की हिदायत जारी की गई है।जो अपने आप में अनूठी कार्रवाई है। राजधानी पटना के डीएसपी विधि व्यवस्था 2 दिनेश कुमार पांडेय,जिनका कार्यालय राजीव नगर थाना के नए भवन में है।उक्त कार्यालय में उनके कक्ष के सामने तथा सीढ़ी पर पोस्टर चिपके हुए हैं।जिसमें साफ लिखा हुआ है कि जो भी समस्या हो आप स्वयं आकर बताएं।हम आपकी सेवा के लिए सदैव तत्पर हैं।आप सादर आमंत्रित हैं।साथ ही बड़े-बड़े अक्षरों पर लिखा हुआ है कि दलाल प्रवृत्ति के लोग दूर रहें। पुलिस विभाग को दलालों के चंगुल से बचाए रखने के लिए कार्यालय कक्ष के सामने डीएसपी विधि व्यवस्था 2 के द्वारा लगाए गए ये पोस्टर पिछले कई दिनों से चर्चा के केंद्र में रहे हैं। आगंतुकों को यह पढ़कर एहसास होता है कि पुलिस विभाग के अंदर अभी भी आम जनों की पीड़ा सुनने को तत्पर अधिकारी मौजूद हैं। पटना विधि- व्यवस्था डीएसपी 2 दिनेश कुमार पांडेय के रेंज में पाटलिपुत्र,राजीव नगर तथा दीघा थाना क्षेत्र है।जिसमें दीघा तथा राजीव नगर थाना क्षेत्र में भूमि विवाद के मामलों का बोलबाला है।जिसे लेकर दलाल प्रवृत्ति के लोग पुलिस डिपार्टमेंट के इर्द-गिर्द मंडराते रहते हैं। आमजन दलालों के पुलिस कार्यालय में मूवमेंट को देखकर पुलिस के समक्ष आने से डरते थे।जिस समस्या को समझते हुए लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी 2 दिनेश कुमार पांडेय को कार्यालय परिसर में इस प्रकार के पोस्टर लगाने पड़े। विदित हो की डीएसपी दिनेश कुमार पांडेय के कार्यकाल में विभिन्न कांडों में संलिप्त डेढ़ सौ से अधिक भूमि माफियाओं के खिलाफ चार्जशीट किया गया है। राजीव नगर थाना क्षेत्र जहां भूमि विवाद को लेकर भूमि माफियाओं की बंदूकें अक्सर गरजती रहती थी।ऐसे भूमि माफियाओं का भी होश ठंडा कर दिया गया। राजीव नगर के पश्चिम क्षेत्र तथा दीघा थाना क्षेत्र में जमीन कब्जा करने वाले कई भूमि माफिया पुलिसिया कार्रवाई से त्रस्त होकर भाग निकले।अंडरग्राउंड हो गए या फिर गिरफ्तार होकर जेल चले गए। डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर 2 दिनेश कुमार पांडेय के कार्य कुशलता के वजह से ही केंद्रीय गृह मंत्रालय की रैंकिंग में पटना के राजीव नगर थाना देश का सातवां सर्वश्रेष्ठ थाना चुना गया।यही नहीं यह थाना रैंकिंग में बिहार के नंबर एक थाने में शामिल हुआ।इसके पूर्व डीएसपी दिनेश कुमार पांडे समस्तीपुर के दलसिंहसराय में पदस्थापित थे।जहां अभी तक उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना आमजनों के द्वारा की जाती है। बताते चले की पुलिस डिपार्टमेंट में दलालों पर अंकुश लगाने को लेकर पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार अब सभी थानों में एसआई स्तर के एक अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जायेगा। इसके साथ ही थाना में आने वाले लोगों को रजिस्टर में नाम पता के साथ ही थाना में आने का कारण भी स्पष्ट रूप से लिखना होगा। इसके आधार पर जिले के एसपी समेत अन्य वरीय अधिकारी समीक्षा करेंगे। बगैर किसी कारण के थाना में बार बार लोगों के आने जाने पर थानाध्यक्ष की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे फूटेज और रजिस्टर का मिलान किया जायेगा। बिहार पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ थानों में एक ही व्यक्ति के बार बार आने की सूचना कई सूत्रों से मिली है। इनके बारे में कहा जाता है कि ये लोग थाना के दलाल हैं जिससे पुलिस की छवि भी धूमिल होती है और पुलिस प्रशासन की प्रभाविकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बिहार पुलिस के डीजीपी के द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों के मद्देनजर अब  पुलिस थानों को दलालों के चंगुल से बाहर निकलने को लेकर कवायदें तेज कर दी गई है।

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