वक्फ संशोधन विधेयक पर जदयू का विपक्ष पर हमला, ललन सिंह बोले- कांग्रेस हमें धर्मनिरपेक्षता ना सिखाएं

पटना। बिहार की राजनीति में बयानबाजी का दौर जारी है। वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जदयू को कांग्रेस से धर्मनिरपेक्षता सीखने की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर जदयू का पक्ष
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद में विभिन्न दलों के बीच बहस छिड़ी हुई है। इस मुद्दे पर जदयू का रुख स्पष्ट करते हुए ललन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी सदन में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दल जदयू की धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी ने हमेशा सभी धर्मों का सम्मान किया है और आगे भी करेगी।
कांग्रेस पर निशाना
ललन सिंह ने अपने बयान में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी को किसी से धर्मनिरपेक्षता का प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस खुद को धर्मनिरपेक्ष बताकर बाकी दलों की नीयत पर सवाल उठाती है, लेकिन उसका इतिहास भी कई बार सांप्रदायिक राजनीति से जुड़ा रहा है। जदयू नेता ने कहा कि उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्षता के मूल सिद्धांतों का पालन करती है और हमेशा समानता व न्याय की बात करती है।
बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज
बिहार की राजनीति में चुनावी माहौल जैसे-जैसे गर्म हो रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। ललन सिंह के इस बयान को कांग्रेस पर जदयू के बढ़ते हमले के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी जदयू और कांग्रेस के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिला है।
जदयू की धर्मनिरपेक्ष छवि
ललन सिंह ने जदयू की धर्मनिरपेक्ष छवि पर जोर देते हुए कहा कि उनकी पार्टी किसी एक समुदाय की राजनीति नहीं करती, बल्कि सभी को साथ लेकर चलती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि धर्मनिरपेक्षता का अर्थ केवल बयान देना नहीं, बल्कि सभी वर्गों के विकास के लिए समान रूप से काम करना है।
चुनावी समीकरण और भविष्य की राजनीति
इस बयान के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की राजनीति में जदयू और कांग्रेस के बीच खिंचाव बढ़ सकता है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देती है। वहीं, जदयू का रुख यह दर्शाता है कि वह अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है और इस मुद्दे पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।
