बेंगलुरु में बिहार की युवती के साथ दुष्कर्म, दो ऑटो ड्राइवरों ने की हैवानियत, गिरफ्तार

पटना। बेंगलुरु में बिहार मूल की एक 19 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म की दर्दनाक घटना सामने आई है। पीड़िता केरल के एर्नाकुलम से ट्रेन से बेंगलुरु पहुंची थी और घर लौटने के दौरान इस भयावह वारदात का शिकार हुई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रात में स्टेशन से निकलने के बाद हुआ हमला
पुलिस के अनुसार, रात करीब 1.10 बजे युवती केआर पुरम रेलवे स्टेशन पर उतरी थी। वह एक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने के बाद लौट रही थी। स्टेशन से निकलने के बाद वह अपने भाई के साथ महादेवपुरा के एक रेस्तरां में खाने के लिए चली गई। इस दौरान दो युवक उनका पीछा कर रहे थे। जैसे ही वे सुनसान इलाके में पहुंचे, दोनों आरोपियों ने हमला कर दिया।
पीड़िता के भाई पर भी किया हमला
हमलावरों ने सबसे पहले पीड़िता के भाई को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद एक आरोपी ने युवती को जबरन एक सुनसान जगह पर खींच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती ने मदद के लिए चीखना-चिल्लाना शुरू किया। उसकी चीख सुनकर आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और एक आरोपी को पकड़ लिया।
स्थानीय लोगों ने आरोपी को पुलिस के हवाले किया
भीड़ ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को वहीं पकड़ लिया और उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी कोलार जिले के मुलाबगल कस्बे के रहने वाले हैं और बेंगलुरु में ऑटोरिक्शा चलाते हैं।
आरोपियों की पहचान और लगे आरोप
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 29 वर्षीय आसिफ ज़मीर खान और 25 वर्षीय सैयद मुसहर के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आसिफ ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया जबकि सैयद ने उसके भाई के साथ मारपीट की और उसे रोककर रखा। दोनों आरोपियों के खिलाफ बलात्कार, हमला, जबरन रोकने, अपहरण और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
बेंगलुरु पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अधिकारी ने कहा कि घटना से जुड़े सभी सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं और पीड़िता की मेडिकल जांच भी करवाई गई है। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं आरोपियों के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस शर्मनाक घटना ने बेंगलुरु जैसे बड़े महानगर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के समय रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी उजागर हुई है। आम लोगों का कहना है कि पुलिस को ऐसे स्थानों पर गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सरकार और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना दोबारा न हो। इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है और एक बार फिर यह सवाल उठा है कि क्या महिलाएं रात में सुरक्षित हैं।
