सीवान असामाजिक तत्वों का विद्यालय परिसर में हंगामा, प्रिंसिपल से मारपीट, मामला दर्ज

सीवान। सीवान के रघुनाथपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय बडुआ में एक चिंताजनक घटना सामने आई है। विद्यालय परिसर में कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसकर जमकर हंगामा किया और प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट की। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
विद्यालय की जमीन को लेकर विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने विद्यालय की जमीन को अपना बताते हुए जबरन कब्जा करने की कोशिश की। जब प्रधानाध्यापक अभय करण ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। इसके अलावा, हमलावरों ने प्रधानाध्यापक का मोबाइल भी छीन लिया। इस घटना के बाद प्रधानाध्यापक ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच के दौरान फिर हंगामा
जब पुलिस टीम इस मामले की जांच करने के लिए विद्यालय पहुंची, तो एक और अप्रत्याशित घटना घटी। गांव के कुछ लोगों ने प्रधानाध्यापक से दोबारा उनका मोबाइल छीन लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
विद्यालय में हुए इस हमले का वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस घटना के कारण पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है और लोग प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई स्थानीय लोग शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं और विद्यालय में सुरक्षित माहौल की मांग कर रहे हैं।
शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
यह घटना सिर्फ विद्यालय प्रशासन ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा जगत के लिए चिंता का विषय बन गई है। शिक्षक संगठनों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि विद्यालयों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, ताकि शिक्षक बिना किसी भय के बच्चों को शिक्षा दे सकें।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा के माहौल को प्रभावित करती हैं और शिक्षकों के मन में डर पैदा करती हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। दोषियों की पहचान करने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। विद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यदि समय रहते इस मामले पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
