अररिया में भारत-नेपाल को जोड़ने वाले पुल में दरार, इलाके में डर का माहौल, वीडियो वायरल

अररिया। बिहार के अररिया जिले में भारत और नेपाल को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण पुल में दरार आने की खबर ने लोगों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है। यह पुल एनएच-527 पर स्थित है और इसका निर्माण परमान नदी पर किया गया है। यह संरचना न केवल दो देशों को जोड़ती है बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार और यातायात की एक अहम कड़ी भी है।
पुल के पिलर में दिखी दरार
यह पुल पलासी और आईसीपी जोगबनी के बीच स्थित है। इसकी निर्माण प्रक्रिया 2022 में पूरी हुई थी और 16 सितंबर 2023 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा उद्घाटन किया गया था। स्थानीय निवासियों ने हाल ही में इस पुल के बी2 पिलर में दरार देखी, जो उस समय उजागर हुई जब नदी का जलस्तर कम हुआ।
स्थानीय लोगों की चिंता
पुल में दरार की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों के बीच भय और चिंता का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि यह पुल सीमावर्ती गांवों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए लाइफलाइन जैसा है। अगर इस पर ट्रैफिक रोका गया, तो भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ेगा।
एनएचएआई का बयान और निरीक्षण
दरार की सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ कुमार मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पुल में कोई गंभीर दरार नहीं है और यह अभी रखरखाव की प्रक्रिया में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुल की संरचना सुरक्षित है और यातायात पर कोई रोक नहीं लगेगी।
विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच
हालांकि प्रशासन ने यातायात पर रोक की संभावना को नकारा है, फिर भी उन्होंने विशेषज्ञों की एक टीम को भेजने की बात कही है, जो पुल की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। यह कदम लोगों की सुरक्षा और पुल की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की निगरानी
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में पुलों की खराब हालत को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की थी। इस मामले को अब पटना हाईकोर्ट को ट्रांसफर कर दिया गया है और एनएचएआई अधिकारियों को 14 मई को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
निर्माण कंपनियों की जवाबदेही पर सवाल
याचिका में पुलों की गुणवत्ता, निर्माण कंपनियों की जिम्मेदारी और सरकारी निगरानी तंत्र की खामियों को लेकर चिंता जताई गई है। दरार की यह घटना भी इन्हीं सवालों को दोहराती है कि क्या सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। अररिया का यह पुल दोनों देशों के लिए सामरिक और आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद अहम है। ऐसे में इसकी संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर प्रशासन और जनता दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि समय पर जांच और मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

You may have missed