पटना में अतिक्रमण के खिलाफ कल से चलेगा प्रशासन का बुलडोजर, 30 तक विशेष अभियान

पटना। शहर में लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़कों पर अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर अतिक्रमण उन्मूलन अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत दो अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक विशेष कार्रवाई की जाएगी, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन द्वारा 9 विशेष टीमों का गठन
अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन द्वारा नौ विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को जिला अधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देशानुसार कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है। ये टीमें नगर निगम क्षेत्र के अलावा दानापुर, फुलवारीशरीफ और खगौल नगर परिषद क्षेत्रों में भी अभियान चलाएंगी। प्रशासन ने यह भी तय किया है कि इस कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए एक रोस्टर तैयार किया जाएगा। इस रोस्टर के अनुसार ही टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करेंगी। इसके अलावा, प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े स्वयं इस अभियान की नियमित समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर आगे की रणनीति तय करेंगे।
सख्त प्रशासनिक निर्देश
अभियान को प्रभावी और सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। एसएसपी को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का पूरा विवरण अपने थाने की स्टेशन डायरी में दर्ज करें। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अभियान का उचित रिकॉर्ड रखा जाए और भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। इसके अलावा, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह इस अभियान में बाधा डालने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान स्वीकार नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण से उत्पन्न समस्याएं
पटना शहर में अतिक्रमण की समस्या वर्षों से बनी हुई है। फुटपाथों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर दुकानों, ठेलों और अन्य अवैध निर्माणों के कारण यातायात बाधित होता है। इससे न केवल वाहन चालकों को परेशानी होती है, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई स्थानों पर सड़क किनारे अवैध निर्माण होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न डालें। प्रशासन का उद्देश्य शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाना है, जिससे नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके। इसके अलावा, व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों को भी हिदायत दी गई है कि वे अपने सामान को निर्धारित सीमा में ही रखें और सड़कों पर अतिक्रमण न करें। पटना में अतिक्रमण हटाने के लिए शुरू किया गया यह अभियान यातायात समस्या को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन की सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि सड़कों पर अवैध कब्जे कम होंगे और शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। इस अभियान की सफलता में प्रशासन और आम जनता दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यदि सभी लोग सहयोग करें तो पटना को एक व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त शहर बनाया जा सकता है।

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