पीएमसीएच शताब्दी समारोह मे नीतीश का फिर आरजेडी पर हमला, राष्ट्रपति के सामने दिलाई जंगलराज की याद
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- सीएम बोले- 2005 से पहले क्या था, हमने कितना काम किया, अब रात में लड़का-लड़की आराम से बाहर घूमते हैं
पटना। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 100वें स्थापना वर्ष पर आयोजित शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी सरकार पर निशाना साधते हुए बिहार में अपने शासनकाल की उपलब्धियां गिनाईं। इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, बिहार के राज्यपाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे।
नीतीश कुमार का लालू-राबड़ी सरकार पर हमला
अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने आरजेडी शासनकाल की तुलना वर्तमान स्थिति से करते हुए कहा कि “2005 से पहले बिहार में कोई शाम के बाद घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करता था।” उन्होंने कहा, पहले शाम होते ही लोग डर के कारण अपने घरों में बंद हो जाते थे, लेकिन आज लड़का-लड़की सब रात 12-13 बजे तक आराम से घूम सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान को लालू-राबड़ी के कार्यकाल में ‘जंगलराज’ के आरोपों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिहार में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास की चर्चा करते हुए बताया कि “जब हमने 2005 में काम संभाला था, तब बिहार में सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब इनकी संख्या 12 हो गई है और 14 और मेडिकल कॉलेजों पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का है, ताकि बिहार के लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
पीएमसीएच को मिलेगा नया स्वरूप
नीतीश कुमार ने पीएमसीएच को देश का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “पीएमसीएच को 5000 बेड का बनाया जाएगा, जिससे यह भारत के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल हो जाएगा।” इसके अलावा, केंद्र सरकार की मदद से आठ नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जा रहे हैं।
पीएमसीएच का ऐतिहासिक महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि “पीएमसीएच की स्थापना 25 फरवरी 1925 को हुई थी, जब पूरे देश में गिने-चुने मेडिकल कॉलेज थे। उन्होंने याद किया कि हम जब पटना में पढ़ाई कर रहे थे, तब भी पीएमसीएच की प्रतिष्ठा बहुत ऊंची थी। न सिर्फ बिहार, बल्कि दूसरे राज्यों के छात्र भी यहां पढ़ने आते थे।
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में काफी सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बहुत खराब थी, लेकिन अब इसमें बड़ा बदलाव आया है। सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, अस्पतालों की संख्या बढ़ाई है और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार किया है।
समारोह की भव्यता और भविष्य की योजनाएं
इस शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति ने इसे और खास बना दिया। नीतीश कुमार ने उनके आगमन पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिहार के लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में बिहार को स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पीएमसीएच के शताब्दी समारोह के मंच से नीतीश कुमार ने जहां बिहार में अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं आरजेडी के पिछले शासनकाल की विफलताओं को भी उजागर किया। उन्होंने ‘जंगलराज’ की याद दिलाते हुए दावा किया कि आज बिहार सुरक्षित है और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने की उनकी योजनाएं बिहार की चिकित्सा व्यवस्था को और सशक्त बना सकती हैं।
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