बिहार चुनाव : 50 लाख रुपए होने का मिला था इनपुट, गया के डिप्टी मेयर और कांग्रेस प्रत्याशी के हैं रूपये !

पटना। पटना स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम के गेट पर गुरूवार की शाम एक गाड़ी में 50 लाख रुपए होने का इनपुट आयकर विभाग को मिला था, लेकिन बरामदगी मात्र 8.5 लाख रूपये की ही हुई। हालांकि आयकर विभाग को अब तक बरामद रुपयों का हिसाब नहीं मिला है। बता दें गुरुवार की शाम फ्लाइंग स्क्वायड ने इस कैश को बरामद किया था। इस मामले में तीन लोगों को डिटेन किया गया था। इसके बाद पटना पुलिस और आयकर विभाग के अधिकारियों ने एक-एक कर तीनों से पूछताछ की। इनमें गया के डोभी का रहने वाला आशुतोष कुमार सिन्हा, डेल्हा का जितेंद्र और योगेंद्र कुमार शामिल हैं। छानबीन में पता चला है कि यह रुपए सदाकत आश्रम के कैशियर ने आशुतोष कुमार सिन्हा नाम को दिए थे। अधिकारियों की पूछताछ में खुद आशुतोष ने गया के डिप्टी मेयर और गया टाउन के कांग्रेस प्रत्याशी अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव के रुपए होने की बात कही है। मोहन गया टाउन में भाजपा के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार के विरोध में चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि मोहन श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने इस नाम से ही खुद को अपरिचित बताया। इधर, पार्टी के प्रदेश मुख्यालय से सीधे जुड़ाव के आधार पर आयकर विभाग ने कांग्रेस से आचार संहिता लागू होने की तारीख से अब तक यानी 27 दिनों की पाई-पाई का हिसाब मांग दिया है। जांच टीम का दावा है कि आशुतोष मोहन श्रीवास्तव के लिए काम करता है। दरअसल, कांग्रेस ने गया नगर से मोहन श्रीवास्तव को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहां पहले चरण में 28 अक्टूबर को ही विधानसभा का मतदान होना है।
अब तक की जांच में मोहन श्रीवास्तव का नाम सामने आया
पटना के एएसपी (लॉ एंड आर्डर) स्वर्ण प्रभात के अनुसार आशुतोष से पूछताछ और अब तक की जांच में मोहन श्रीवास्तव का नाम सामने आया है। अब इस मामले में आगे की जांच इनकम टैक्स के अधिकारी कर रहे हैं। सदाकत आश्रम के गेट पर झारखंड नंबर की टाटा जेस्ट एक्सएम कार (जेएच09एएन/0875) खड़ी थी। पड़ताल में पता चला कि यह कार बोकारो के किसी गुडाड़ी देवी के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसी कार में आशुतोष अपने साथियों के साथ बैठा था। तभी फ्लाइंग स्क्वायड ने धावा बोलकर कार से रुपए बरामद किए थे।
कांग्रेस को 28 तक देना होगा पाई-पाई का हिसाब
चुनाव आयोग के गाइडलाइंस के अनुसार, कांग्रेस की बिहार इकाई को अब इसका पूरा हिसाब देना होगा। इनकम टैक्स के अधिकारियों ने पूरे 27 दिनों का डिटेल पार्टी से मांगा है। चुनाव को लेकर बिहार में 25 सितंबर को आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। इस कारण कांग्रेस को अब 26 सितंबर से लेकर 22 अक्टूबर तक का हिसाब देना होगा। इसका बैंक डिटेल्स इनकम टैक्स के अधिकारियों के पास जमा कराना होगा ताकि वो इस मामले की जांच कर सकें। इसके लिए 28 अक्टूबर तक की मोहलत कांग्रेस को दी गई है।
राजनीति से प्रेरित मामला : डिप्टी मेयर
इस मामले पर शुक्रवार को गया के डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव से बात की गई तो वे सीधे तौर पर कह दिया कि ये आशुतोष कौन है? इसे मैं नहीं जानता। इसने मेरा नाम क्यों लिया, मुझे नहीं पता। न वो रुपया मेरा था और न वो गाड़ी मेरी थी। मैं रोड छाप नहीं हूं, जो 8-10 लाख रुपया किसी से लेता रहूं। मेरा खुद का करोड़ों का कारोबार है। खुद के पास बड़ी संपत्ति है, जो घोषित है। ये राजनीति से प्रेरित मामला लग रहा है।
